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✨ प्रथम पूज्य मंगलमूर्ती विघ्नहर्ता बाप्पाची पावन आरती

श्री गणेश आरती (सुखकर्ता दुखहर्ता व जय गणेश देवा)

समर्थ रामदास स्वामी रचित 'सुखकर्ता दुःखहर्ता' व लोकप्रिय 'जय गणेश देवा' संपूर्ण लिरिक्स व भावार्थ

📖 नित्य पाठ व अर्थ
अक्षर आकार:
🐘 मराठी पद १

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।\nनुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥\nसर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।\nकंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥

Sukhkarta Dukhharta Varta Vighnachi.\nNurvi Purvi Prem Krupa Jayachi.\nSarvangi Sundar Uti Shendurachi.\nKanthi Zalke Maal Muktaphalanchi.

अर्थ: सुख देणारे, दुःखाचे हरण करणारे आणि विघ्नांचे निवारण करणारे श्री गणेश! ज्यांची असीम कृपा सदैव भक्तांवर प्रेमाचा वर्षाव करते. ज्यांच्या सर्वांगावर शेंदुराची सुंदर उटी शोभते आणि गळ्यात मोत्यांची माळ चमकते.
🐘 मराठी पद २ (ध्रुवपद)

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती।\nदर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥\nजय देव जय देव॥

Jai Dev Jai Dev Jai Mangalmurti.\nDarshanmatre Man Kamna Purti.\nJai Dev Jai Dev.

अर्थ: हे मंगलमूर्ती देवा, तुमचा जयजयकार असो! तुमच्या केवळ दर्शनानेच मनातील सर्व सदिच्छा आणि मनोकामना पूर्ण होतात.
🐘 मराठी पद ३

रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा।\nचंदनाची उटी कुमकुम केशरा॥\nहिरेजडित मुकुट शोभतो बरा।\nरुणझुणती नूपुरे चरणी घागरा॥

Ratnakhachit Fara Tuj Gaurikumara.\nChandanachi Uti Kumkum Keshara.\nHirejadit Mukut Shobhato Bara.\nRunzhunti Nupure Charni Ghagara.

अर्थ: हे पार्वतीपुत्रा, तुमच्या मस्तकावर रत्नांनी मढवलेला मुकुट शोभतो. अंगावर चंदन, कुंकू आणि केशराची उटी आहे आणि चरणांमध्ये रुणझुणणारे पैंजण वाजतात.
🐘 मराठी पद ४

लंबोदर पीतांबर फणिवर बंधना।\nसरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना॥\nदास रामाचा वाट पाहे सदना।\nसंकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना॥

Lambodar Peetambar Phanivar Bandhana.\nSaral Sond Vakratunda Trinayana.\nDas Ramacha Vaat Pahe Sadana.\nSankati Pavave Nirvani Rakshave Suravar Vandana.

अर्थ: ज्यांचे उदर विशाल आहे, पीतांबर वस्त्र नेसले आहे आणि नागाचा कमरपट्टा आहे. सरळ सोंड आणि वक्रतुंड असलेले त्रिनेत्रधारी! समर्थ रामदास स्वामी म्हणतात, हे देवा संकटसमयी धावून या आणि सर्व संकटांतून रक्षण करा.
🐘 हिंदी आरती १

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।\nमाता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥\nएक दंत दयावंत चार भुजाधारी।\nमाथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी॥

Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva.\nMata Jaki Parvati Pita Mahadeva.\nEk Dant Dayavant Chaar Bhujadhaari.\nMathe Sindoor Sohe Moose Ki Sawari.

अर्थ: हे भगवान गणेश! आपकी जय हो। माता पार्वती आपकी जननी और देवाधिदेव महादेव आपके पिता हैं। एकदंत, दयालु, चार भुजाधारी, मस्तक पर सिंदूर और मूषक की सवारी करने वाले गजानन की जय हो।
🐘 हिंदी आरती २

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।\nलड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥\nजय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।\nमाता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

Paan Chadhe Phool Chadhe Aur Chadhe Mewa.\nLadduan Ka Bhog Lage Sant Karein Sewa.\nJai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva.\nMata Jaki Parvati Pita Mahadeva.

अर्थ: आपके चरणों में पान, पुष्प और मेवे अर्पित किए जाते हैं। मोदक और लड्डुओं का पावन भोग लगता है और संत-मुनि आपकी सेवा करते हैं।
🐘 हिंदी आरती ३

अंधन को आंख देत कोढ़िन को काया।\nबांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥\n'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।\nमाता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

Andhan Ko Aankh Det Kodhin Ko Kaaya.\nBanjhan Ko Putra Det Nirdhan Ko Maaya.\n'Soor' Shyam Sharan Aaye Safal Keeje Sewa.\nMata Jaki Parvati Pita Mahadeva.

अर्थ: आप दयालु हैं जो दृष्टिहीनों को नेत्र, रोगियों को स्वस्थ काया, संतानहीनों को पुत्र और निर्धनों को धन-धान्य प्रदान करते हैं। हम आपकी शरण में आए हैं, हमारी पूजा स्वीकार करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ गणेश जी की आरती सबसे पहले क्यों की जाती है? ▼

सनातन धर्म में भगवान गणेश 'प्रथम पूज्य' हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या अनुष्ठान के प्रारंभ में विघ्न विनाशक गणेश जी की पूजा व आरती करने से कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है।

❓ 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती के रचयिता कौन हैं? ▼

मराठी में अत्यंत प्रसिद्ध 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती की रचना 17वीं शताब्दी के महान संत समर्थ रामदास स्वामी जी ने की थी।

❓ गणेश जी को दूर्वा और मोदक क्यों प्रिय हैं? ▼

पौराणिक मान्यता के अनुसार, अनलासुर राक्षस के दाह को शांत करने हेतु ऋषियों ने गणेश जी को दूर्वा की 21 गांठे अर्पित की थीं। मोदक आनंद और ब्रह्मानंद का प्रतीक है।

❓ संकष्टी चतुर्थी पर गणेश आरती किस समय करें? ▼

संकष्टी चतुर्थी पर सायंकाल चंद्रोदय के समय भगवान गणेश की विधिवत पूजा व आरती करने का विधान है।

❓ क्या BhaktiDhara ऐप में दोनों गणेश आरतियां उपलब्ध हैं? ▼

हाँ! BhaktiDhara ऐप में 'सुखकर्ता दुखहर्ता' (मराठी) और 'जय गणेश देवा' (हिंदी) दोनों आरतियां ऑडियो व लिरिक्स के साथ उपलब्ध हैं।

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